सीने में न जाने कितने गम छुपाए था
मन-मस्तिष्क में गहरा अंधेरा छुपाए था
हीरो था जमाने के लिए मग़र भीतर से
शुन्य हो चुका था
शून्यता को वो सह ना सका
और अंत में कालचक्र में पीसता हुआ
खुद को मृत्यु की आगोश में ले गया ।
MS Dhoni से दिल मे जगह बनाई थी और chhichhore से तुम favorite हो गए थे ।
.
Depression से लड़ जिसने जिंदगी जीने की बात सिखाई थी
वो खुद depression की मार से मृत्यु को गले लगा बैठा ।
.
.इंसान के पैदा होते ही मृत्यु उसकी और भागना शुरू कर देती है
.
.इंसान की जिंदगी उतनी जितना समय लगा काल को उस तक पहुँचने में
.
.
अजीब सी है जिंदगी...न जाने कब कालचक्र पर बैठा काल इंसान को अपने साथ ले जाने के लिये आ जाता है कुछ पता ही नही चलता
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें