गुरुवार, 27 जनवरी 2022

लोकतंत्र को खतरा ।

लोकतंत्र को खतरा इन अनपढ़,गवार, सत्ता के 

भोग विलास में डूबे नेताओ से  है,


ये खुद नियम ,कानून बनाते है और खुद तोड़ देते है,


CORONA की सख्ती से पालना करने का नियम बनाते है,

खुद ही चुनावी रैलियों में नियमो की धज्जियां उड़ाते हैं,


अपने हक की लड़ाई लड़ने वाले छात्रों पर लाठियां बरसाते है,

बेईमानो को गले लगा उनको पार्टी का टिकट थमाते है


सीमा पर तैनात वीर जवान के बल-पराक्रम को कम आंकते है

सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगते हैं,


चुनावी एजेंडे को हासिल करने न जाने क्या-क्या बोल जाते है

कभी हिन्दू आतंकवाद ,तो कभी 15 मिनट पुलिस हटाने की धमकी दे जाते है


कानून व्यवस्था को सुधारने में नाकाम रहते है,

संसद में बस हंगामा ,कुर्सियो को तोड़ने का आनंद उड़ाते हैं


लोकतंत्र को खतरा है ....इन गवार नेताओ से

सत्ता के भोग विलास में परिवार को ही बढ़ाते हैं ।।

लोकतंत्र को खतरा ।

लोकतंत्र को खतरा इन अनपढ़,गवार, सत्ता के  भोग विलास में डूबे नेताओ से  है, ये खुद नियम ,कानून बनाते है और खुद तोड़ देते है, CORONA की सख्ती से...