प्रेम में मग्न प्रेमिका -प्रेमी एक दूजे को आलिंगन कर ,एक दूजे के सांसों , जिस्मो द्वारा प्रेम को महसूस करते हुए , आपस में संवाद कर रहे है कि..........
प्रेमिका - अच्छा सुनो ना ! तुम मुझसे प्रेम करते हो तो बताओ तुम मेरा कैसे ख्याल रखोगे ?
प्रेमी - जब भी तुम, नहाकर आओगी मैं तुम्हारे गीले बालों को तौलिए से पोछा करूँगा
जब भी तुम पीरियड्स कर दर्द में होगी, मैं तुझे सीने से लगा , तुम्हे आराम दूंगा
मैं तुमको अपने हाथों से खाना बना खिलाया करूँगा
मैं तुम्हारा हरपल साथ रहकर तुझको बेहतर महसूस कराने की कोशिश करूंगा
तुम्हारे mood का ख्याल रख उसको ठीक करने का प्रयास करूंगा
औऱ कभी - कभी तुझे सीने से लगा कर एक दूजे के नाक टकराकर इश्क़ जाहिर करेंगे ।
प्रेमिका - (मुस्कुराते हुए) अच्छा बताओ अगर मैं कभी तुमसे नाराज होकर तुमको डांटने लगूँ तो तुम मुझे कैसे चुप करवाओगे ?
प्रेमी - (प्रेमिका को कस कर पकड़कर)
मै तुम्हारे होठो पर अपने होंठ रख उनको चुम कर , इश्क़ में मदहोश कर तुम्हे चुप करूँगा ।
प्रेमिका -(शर्माते हुए) तब तो मै रोज यूँही नाराज होकर डाँटा करूंगी ।
प्रेमी - अच्छा तुम बताओ तुम्हे मुझसे क्या चाहिये ?
प्रेमिका - जीवनभर ना छूटने वाला तुम्हारा साथ,
मेरे प्रति अटूट विश्वास,
तुम्हारा कभी भी कम ना होने वाला प्यार
जब भी मैं कमजोर पडूँ तब तुम्हारे द्वारा मेरे माथे पर चुम्बन द्वारा मेरा उत्साहवर्धन
औऱ
तुम्हारा आलिंगन जिसमे तुम मुझे इस दुनिया की बुरी नजर से महफूज रख सको ।।
प्रेमी - तुम फिक्र मत करो , मैं मेरे जीवन के अंतिम क्षण तक तुम्हारे साथ हुँ , तुमसे सदैव यूँही प्रेम करता रहूंगा
बस तुम भी मुझसे यूँही प्रेम करती रहना ।
प्रेमिका - मै वादा करती हूं मैं जन्मों जन्मों तक सिर्फ तुम्हारी रहूंगी ।
(औरों दोनों एक दूजे को बाहों में भरकर ,इश्क़ को आबाद कर रहे है)
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