Hazel -tarun : Misunderstanding, love and death
Part :1
एक दिन.......सुबह 10 बजे
Whatsapp Conversation:
Hazel to Tarun- Hey! How are you?
परंतु पूरे दिन तरुण द्वारा कोई रिप्लाई नहीं आया।
रिप्लाई ना देख हेज़ल ने तरुण को SMS पर SMS व call पर call किये मगर कोई जवाब नही मिला।
हेज़ल को लगा कि तरुण उसे धोखा दे रहा हैं...उसने तरुण को कई नाराज़गी भरे मैसेज भेजे, मगर मैसेज seen नहीं हो रहे थे, सिर्फ double tick आ रहा था, और ये इस बात को दर्शा रहीं थी कि तरुण ऑनलाइन तो हैं पर मैसेज seen नहीं कर रहा हैं।
हेज़ल अब भड़क गई और उसने तरुण को ब्लॉक कर दिया और उसका नंबर भी डिलीट कर दिया।
1 महीना बीत जाने के बाद भी जब तरुण ने हेज़ल से कोई संपर्क नहीं किया तो एक शाम हेज़ल ने क्रोध में अंधी हो कर तरुण के साथ कि सारी यादें मिटा दी।
B'day Celebration के फोटोज, प्रपोजल के वक़्त के फोटोज और तरुण ने हेज़ल को जो रिंग दी थी सब कुछ नष्ट कर दिया हेज़ल ने, अब हेज़ल के पास तरुण की कोई निशानी नहीं बची थी और ना ही वो रखना चाहती थी।
बस इतना ही नहीं, हेज़ल तरुण से इस क़दर नफरत करने लगी थी कि उसने तरुण के लिए कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो आज से पहले उसने कभी इस्तेमाल नहीं किये।
ऐसे ही हेज़ल की नफरत तले कई महीने बीत गए...
अब हेज़ल ने सोच लिया था कि वो आगे बढ़ना चाहती हैं और शादी करके लाइफ में सेटल होना चाहती हैं।
हेज़ल ने फिर एक अमीर लड़के अवि (अविनाश शिव) से शादी का सोच लिया
( अविनाश जो कि हेज़ल का ही फैमिली फ्रेंड था, और हेज़ल से कई बार शादी की बात कर चुका था, लेकिन हेज़ल के तरुण के साथ प्रेम संबंध होने की वजह से हेज़ल ने उसे कभी हाँ नहीं की थी,
अविनाश हेज़ल से बहुत प्यार करता था,इतना प्यार की वो आजतक हेज़ल का इंतजार कर रहा था
समझ नही आता कोई किसीका इतना इंतजार कैसे कर सकता है,जैसे उसे पहले से पता हो कि हेज़ल को एक दिन उसके पास लौट आना है
खैर अविनाश हेज़ल से उतना ही प्यार करता जितना वो तरुण से नफरत, तरुण से नफरत क्योकि तरुण पैसों में इतना अमीर नही था मगर वो हर चीज में अविनाश से 2 कदम आगे था ,इसलिए तो हेज़ल तरुण की गर्लफ्रैंड थी ,अविनाश की नही )
मगर अब हेज़ल ने अवि से शादी करने का सोच लिया था और कुछ ही महीनों में उनकी शादी भी हो गई।
अविनाश जो कि हेज़ल से बहुत प्यार करता था उसने हेज़ल की हर छोटी बड़ी बात मानी, उसे हर खुशी देने की कोशिश की पर कही ना कही हेज़ल को आज भी तरुण की कमी खल रही थी।
मगर हेज़ल ने तरुण के एहसास को मारने का प्रयास किया और एक दिन बरसाती रात को हेज़ल ने खुद के जिस्म को अविनाश को सौप कर कामवासना में लिप्त हो गई।
हेज़ल ने उस रात वो किया जो उसने तरुण के अलावा किसी और के साथ करने का सोचा भी नहीं था।
हेज़ल ने तरुण से वादा भी किया था कि इस जिस्म पर सिर्फ तरुण का अधिकार हैं, जिस दिन किसी और ने उसे छुआ उस दिन हेज़ल मौत की बाहों में होगी।
खैर उस रात उसे ना वो वादा याद रहा ना वो मौत की बाहों में समाई।
1 साल यू ही गुज़र गया था..
मग़र एक साल बाद.......एक दिन अचानक हेज़ल को विनीत मिला
(विनीत जो तरुण का bestfriend कम भाई ज्यादा था,अक्सर दोनों साथ ही रहते थे और हर चीज साथ मे शेयर करते थे
दोनों की पसंद भी एक ही थी.....जैसे कि दोनों हेज़ल को ही पसंद करते थे ,हालांकि हेज़ल तरुण से प्यार करती थी इसलिये विनीत को पीछे हटना पड़ा और दोस्ती में झुकना पड़ा)
हेज़ल ने विनीत को देखते ही उसका....हालचाल पूछा और उसकी जिंदगी की बाते करने लगे
तभी हेज़ल ने....विनीत को तरुण के बारे में पूछा और कहा कि......
वैसे तरुण कहाँ है आजकल मुझे धोखा देने के बाद तो बड़ा ही खुश होगा वो
विनीत ने हेज़ल से कहा- तुम ऐसे बोल रही जैसे तुम्हे पता नही चला अबतक कुछ भी
हेज़ल- क्या पता चलना था ,यही ना कि वो तरुण धोखेबाज है
विनीत - हेज़ल ये क्या बोल रही,वो तो बेचारा इस दुनिया मे ही नही है
*यह सुनकर 2 min सन्नाटा छा गया आसपास*
हेज़ल - ये क्या बोल रहे हो विनीत तुम?
विनीत - याद है तुम्हे जब तुमने तरुण को last time व्हाट्सएतरुण तुम्हारे पास आ रहा था तुम्हे सरप्राइज देने
वो उस दिन तुम्हे शादी के लिये प्रपोस करने आ रहा था
यहाँ तक कि उसने तो तुम्हारे लिए दुल्हन के लाल जोड़े में कपडें, मंगलसूत्र, अंगूठी और तो और उसने तो हनीमून के लिये मालदीव्स,बाली के टिकट भी करवा लिए थे
वो तुमसे शादी की तैयारियों में busy था और तुम्हे सरप्राइज देना चाहता था
उस दिन वो तुम्हारे घर ही आ रहा था कि.....अचानक न जाने कैसे कोई ट्रक वहां आ गयी और तरुण को गाड़ी समेत उड़ा ले गयी
वो बेचारा अंतिम सांस तक तुम्हारा नाम ले रहा था,वो तुमसे बेहद प्यार करता था हेज़ल बेहद ,इतना प्यार करता था कि तुम्हे क्या बताऊँ मैं अब
पता है हेज़ल......उस दिन तरुण जब तुम्हारे लिए गिफ्ट्स लेने जा रहा था तब वो बहुत खुश था उसको उतना खुश तो मैने जिंदगी में कभी नही देखा,
तुम्हे यकीन ना हो तो अविनाश से पूछ लो.....उस दिन वो भी वही पर था ,उसको भी किसी के लिए गिफ्ट्स लेने थे
तो तरुण और अविनाश ने साथ मे शॉपिंग की थी
वो बेचारा इतना खुश था,बस तुम्हारा ही नाम लिए जा रहा था
उसे क्या पता था कि ये उसकी जिंदगी का आखरी दिन है
वो तुमको सरप्राइज देने के लिए तुम्हारे मैसेज और कॉल्स का रिप्लाई नही कर रहा था
उसकी तो मरते वक्त भी यही ख्वाहिश ही थी कि तुम्हारी तस्वीर देख वो अंतिम सांस ले
तुम्हारे फोटो को सीने से लगाकर दम तोड़ा उसने
*विनीत रोने लगता है*
हेज़ल - क्या मैं तरुण के घर वालो से मिल सकती हूं ?
क्या उसकी कोई तस्वीर मुझे मिल सकती है,क्योकि मैंने तो गुस्से में सब बर्बाद कर दिया था
विनीत - क्या करोगी उसके घर जाकर,वहाँ सब खत्म हो गया है,तरुण की मौत के बाद
एक दिन अचानक गैस सिलेंडर फटने से उसके घर वाले भी.........
हेज़ल यह सुनकर रोने लगती है और उसकी आँखों मे आंसुओ का सैलाब सा आ जाता है
उसके कदमो तले जमीन खिचक जाती है ,उसे वो वादे याद आते है जो उसने तरुण से किये थे और वो रात याद आती है जब उसने तरुण से किये वादे तोड़ अविनाश की की नग्न बाहों में नग्न होकर उसने वो रात बिताई थी,ऐसी बिताई हर रात उसे याद आने लगी
तरुण का चेहरा उसके सामने आने लगा,
तरुण की माँ जब उसे अपनी बहुरानी कहकर पुकारती थी,तरुण की बहन उसे भाभी और उसके पिता उसे अपनी बेटी की तरह प्यार करते थे
वो तो तरुण से माफी भी नही मांग सकती थी अब,और ना ही उसके घरवालों से
एक misunderstanding की वजह से उसकी मोहब्बत कैसे नफरत में बदल गयी थी,कैसे उसने तरुण को गलत समझ उसे गालियां,भला बुरा बोला था
हेज़ल की आंखों में महज अब आंसू थे और तरुण का वो बोझ जो अब उसे जिंदगी भर ढोना है
हेज़ल को बस तरुण और उसके घर वालो की चीखें ,वो बातें सुनाई दे रही थी
ऐसा लग रहा जैसे सब उसके आसपास ही है
मग़र....ये उसका वहम था
उसे ये समझ नही आ रहा था कि......उससे इतनी बड़ी गलती कैसे हो गयी,कैसे वो अपने प्यार पर भरोसा ना कर सकी
जिस तरुण की सांस से मेरी सांस जुड़ी थी उसकी सांस थम जाने के बाद भी ,मेरी साँसे कैसे चल रही है
अगले दिन........
(हेज़ल मन ही मन मे......सोचती है)
**नही ये नही हो सकता,तरुण कैसे मर सकता है
जिस area में ट्रक से उसका एक्सीडेंट हुआ उस जगह तो ट्रक पर प्रतिबंध है ,बड़े वाहन तो उस जगह आ ही नही सकते तो कैसे उस दिन ऐसा हो गया ?
और तरुण अगर जिंदा नही तो मैं जिंदा कैसे
आखिर साँसे तो दोनों की जुड़ी हुई है एक दूसरे से.......
और तरुण की मौत के बाद उसके घर वाले भी ,नही ऐसे कैसे हो सकता है भला
जरूर ये कोई साजिश है या कोई पहेली जो मुझे सुलझानी है **
खैर हेज़ल को इन सवालों की उलझनो ,तरुण की यादों ,खुद की गलतियों और तरुण के प्यार के बोझ के साथ, उसकी मौत की पहेली के साथ ही जीना पड़ेगा
मग़र कैसे अब हेज़ल जी पाएगी इस बोझ के तले आखिर कैसे ?
और क्या होगा अविनाश के साथ उसका रिश्ता कैसे वो उसके साथ रहेगी ?
खैर.....इसका जवाब तो भविष्य के गर्भ में छुपा है ।
मग़र....ये बात सोचनीय है कि हेज़ल को प्यार तरुण,अविनाश और विनीत तीनो ही करते थे
और अविनाश और विनीत की आंखों का कांटा तरुण ही तो था जो हेज़ल और उनके बीच आ रहा था
परन्तु विनीत और तरुण तो भाई जैसे दोस्त थे,उसके लिए दोस्ती पहले प्यार बाद में था और अविनाश तो बस गुस्सा,नाराज हो सकता है मगर किसी को मारना उसके बस का नही ।
और हेज़ल अगर तरुण से सच मे प्यार करती थी तो मामूली से व्हाट्सएप रिप्लाई को लेकर इतना बड़ा वो issue कैसे बना सकती है
और क्या सच में तरुण की मौत हुई है या इसमें भी कोई पहेली है ?
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