सोमवार, 15 मार्च 2021

कहाँ तक साथ चले।।

बैसाखियों की जरूरत जिसे,
सफर में कहाँ तक साथ चले

राह कठिन डगर है,डर है,भय है
सफर में कहाँ तक साथ चले,

छूट जाएगा साथ बिन खबर पड़े
चलना अकेले, जीना अकेले

सफर में कोई कहाँ तक साथ चले ।।

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