कहानियां,कविताओं एवं शायरियों का संग्रह है यहाँ, मेरे जीवन के अनुभवों का वर्णन है यहां ।।
रूह को छू जाए वो महोब्बत कहाँ है अब
किसी को अब हवस से ...फुर्सत तो मिले
लोकतंत्र को खतरा इन अनपढ़,गवार, सत्ता के भोग विलास में डूबे नेताओ से है, ये खुद नियम ,कानून बनाते है और खुद तोड़ देते है, CORONA की सख्ती से...
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