गलतफहमियां वक़्त रहते आमने -सामने बैठ
सुलझा देनी चाहिये
गुस्से औऱ अपने घमंड में ही रहोगे औऱ
अपनी गलती का अंदाजा लगाए बिना
सामने वाले को बेवजह तकलीफे दोगे
एक दिन....महोब्बत कितनी ही गहरी क्यो ना
हो दुरिया बढ़ ही जाती है
अपने विवेक का सही उपयोग कर सिर्फ हम खुद ही अपने रिश्ते को बिखेरने से बचा सकते है
औऱ कोई नही बचा सकता
और बाद में पछतावा हो ऐसा गुनाह खुद से करना ही नही😊
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