रविवार, 21 जुलाई 2019

गलतफहमियां😊

गलतफहमियां वक़्त रहते आमने -सामने बैठ
सुलझा देनी चाहिये

गुस्से औऱ अपने घमंड में ही रहोगे औऱ
अपनी गलती का अंदाजा लगाए बिना
सामने वाले को बेवजह  तकलीफे दोगे

एक दिन....महोब्बत कितनी ही गहरी क्यो ना
हो दुरिया बढ़ ही जाती है

अपने विवेक का सही उपयोग कर सिर्फ हम खुद ही अपने रिश्ते को बिखेरने से बचा सकते है

औऱ कोई नही बचा सकता

और बाद में पछतावा हो ऐसा गुनाह खुद से करना ही नही😊

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

लोकतंत्र को खतरा ।

लोकतंत्र को खतरा इन अनपढ़,गवार, सत्ता के  भोग विलास में डूबे नेताओ से  है, ये खुद नियम ,कानून बनाते है और खुद तोड़ देते है, CORONA की सख्ती से...