मत नोच मेरे जिस्म को
यूँ जानवर की तरह ऐ -जालिम
बस छोटी सी ही तो स्कर्ट थी मेरी
सोच तो काफी बड़ी थी मेरी
नियत तेरी खोटी थी , सोच तेरी छोटी थी
मैंने ना कोई दिया तुझे न्यौता था
फिर भी...क्यो जिस्म को लूटने आ तुला तू
तेरी भी कोई बहन होगी , होगी कोई माँ तेरे घर पर
मै भी हुँ तेरे बहन जैसी, मुझको भी तेरी बहन मान लेता
ऐ-ज़ालिम छोड़ दे मुझे मत नोच जिस्म मेरा यू बेदर्दी की तरह
मत पोछ कालिक मेरे माँ-बाप पर , यू जीते जी मत बर्बाद कर परिवार मेरा
ऐ-जालिम मत नोच जिस्म मेरा
बस छोटी ही तो स्कर्ट थी मेरी
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