आतँकवादी सिर्फ पाकिस्तान से नही
आते है
वहाँ से आते ही है साथ ही में
कुछ आतँकवादी हमारे मुल्क में भी है
जो हर रोज सेना पर पत्थरबाजी करते है
जो सोशल साइट पर हमारे मुल्क औऱ हमारे मुल्क की सेना पर अभद्र टिप्पणी करते है
जो isis औऱ पाकिस्तान के झंडे फहराते है
औऱ मक्कारी की बात ये है कि हमारे देश के कुछ नेता , कुछ गद्दार उन लोगो के समर्थन में खड़े हो जाते है
यहाँ तक कि आम लोग भी धर्म का नाम लेकर उनका समर्थन करते है
उन्हें मासूम , भटके हुए नोजवान कहकर उनकी तरफदारी करते है
बेरोजगारी का मारा बताते है
जबकि हकीकत यह है कि यहाँ पर phd धारक भी वोही गतिविधि करते है जो लोग करते है जिन्हें ये बेरोजगार बताते है
हकिकत ये है कि ना वो बेरोजगारी , या भटके हुए है
बल्कि उनका दिमाग आतंकवादियों से मेल खाता है
जो हमारे लिए अच्छा नही है
जो लोग धर्म का नाम लेकर ऐसे आतँकवादी सोच वालो का समर्थन करते है
उन्हें दबाने औऱ उन पर जुल्म करने का नाम लेते है
असल में वो लोग भी ..इसी सोच के मारे है
इसका इलाज उन लोगो को सही रास्ता दिखाने के साथ ही उनका सफाया भी है
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें