वो पहली मुलाकात थी....हमारी
आसमां ने भी बादल ओढ़ लिए थे
ठंडी हवाओं के झोंके भी चल रहे थे
तभी....वो आई !!
हवाओ से उसकी झुल्फे उड़ रही थी
औऱ उनकी झुल्फों को सँवारते वो औऱ भी खूबसूरत सी लग रही थी
बादलों से बिजली कड़काने की आवाज के साथ
वो पहली बारिश की बूंद ज्यो ही उसके माथे पर गिरी
ऐसा लगा कोई....कोहिनूर का हीरा उसके ताज पर लगा हो
वो बूंद माथे से सरक.... उसके होठो पर आ रुकी
औऱ उसके गुलाबी होठो को...उसने औऱ भी हसीन बना दिया था
अभी उसके होठो पर ही नजर थी....की उसने कहा क्या देख रहे हो
मैंने जवाब दिया . ये जो तेरे गुलाब की पंखुड़ियों पर बारिश की बूंद है बस उसे
वो मुस्कुरा गयी....औऱ उसके मुस्कुराते ही जैसे बादलो को भी उसकी मुस्कुराहट का इंतजार था
वो भी जम कर बरसने लगे
वो...बारिश में भीगने का शौक था उसे औऱ मुझे भी
मैंने उसका हाथ पकड़ा और बारिश में भीगने चल पड़े
बारिश में भीगती ...वो क्या कयामत ढा रही थी
मैंने उसके हाथों को चूम उसे कहाँ.... मेरी जिंदगी के सूखे में तुम क्या इस बारिश की तरह जिंदगी को खुशहाल बनाओगी
औऱ उसने शर्मा कर कहाँ.... मैं इस दुनिया मे आई भी इसीलिए हुँ ।
😍😍😍😍😍😍😍😍😍beautiful
जवाब देंहटाएंThank yoi
हटाएं🤨👌👌
जवाब देंहटाएंIncredibly....Osm lines
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